अंधेरे से उजाले की ओर: संगीता देवी की अद्भुत उड़ान – जीविका से मिली नई पहचान!...
बिहार के औरंगाबाद जिले के पीरोठा ग्राम पंचायत, कुरमाहा प्रखंड औरंगाबाद की माटी में पली-बढ़ी संगीता देवी, एक ऐसी साधारण महिला हैं, जिनकी कहानी आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। एक समय था, जब उनका जीवन रोजमर्रा के संघर्षों से भरा था। पति, श्री समरेंद्र कुमार, गाँव में एक छोटी सी फोटोकॉपी और सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) की दुकान चलाकर जैसे-तैसे परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। 'अच्छी आर्थिक स्थिति' उनके लिए एक दूर का सपना थी। जीवन की गाड़ी खींचने के लिए हर दिन एक नई चुनौती लेकर आता था। पर कहते हैं न, हर अंधेरी रात के बाद एक सुनहरी सुबह ज़रूर आती है। संगीता देवी के जीवन में यह बदलाव तब आया, जब उन्हें 'जीविका' (बिहार रूरल लाइवलीहुड्स प्रमोशन सोसाइटी) द्वारा समूह गठन की पहल के बारे में पता चला। उन्हें यह जानकर रोमांच हुआ कि यह संस्था न केवल समूह बनाती है, बल्कि लोगों को रोजगार सृजन के लिए प्रेरित कर आर्थिक स्वावलंबन की राह दिखाती है। यह उनके लिए एक एडवेंचरस यात्रा का पहला कदम था। आरती जीविका स्वयं सहायता समूह: उम्मीद की नई किरण... साल 2021, संगीता द...